Priyanka Gandhi ने मोहन भागवत के Gen Z आउटरीच पर साधा निशाना, बोलीं- युवाओं को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने RSS प्रमुख मोहन भागवत की Gen Z और Gen Alpha के साथ हालिया बातचीत को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को किसी के प्रमाणपत्र या समर्थन की जरूरत नहीं है।

संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा, “उन्हें RSS प्रमुख मोहन भागवत जी से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।” उनका यह बयान भागवत की मुंबई में युवाओं के साथ हुई बातचीत के एक दिन बाद सामने आया।

मोहन भागवत ने Gen Z और Gen Alpha से की थी बातचीत

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में Gen Z और Gen Alpha से बातचीत की थी। इस दौरान युवाओं से जुड़े मुद्दों और हालिया Gen Z विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी चर्चा हुई।

भागवत की इस पहल को युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश के तौर पर देखा गया। हालांकि, विपक्षी नेताओं ने इसे लेकर सवाल उठाए और RSS की युवा पीढ़ी से जुड़ने की रणनीति की आलोचना की।

प्रियंका गांधी ने अमित शाह की गैरमौजूदगी पर भी उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कथित तौर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर बयान देना चाहिए और अगर कुछ गलत हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अमित शाह को संसद में आकर इस मामले पर अपना पक्ष रखना चाहिए और बताना चाहिए कि आखिर समस्या क्या है।

यह मामला 20 जुलाई को पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

Priyank Kharge ने भी RSS-BJP पर साधा निशाना

कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे ने भी मोहन भागवत की Gen Z और Gen Alpha के साथ बातचीत पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि RSS और BJP अपनी भाषा और शब्दावली बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आया है।

खड़गे ने आरोप लगाया कि युवाओं को गुमराह करने और लोगों को बांटने की राजनीति को नई भाषा में पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे पुराने विचारों को नए शब्दों में प्रस्तुत करने की कोशिश बताया।

Omar Abdullah ने भागवत के बयान का किया समर्थन

जहां कांग्रेस और SP नेताओं ने मोहन भागवत की पहल की आलोचना की, वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनके बयान का समर्थन किया।

अब्दुल्ला ने कहा कि Gen Z के विरोध प्रदर्शनों में देश के खिलाफ कुछ नहीं था। उनके मुताबिक, सरकार का विरोध करना देश का विरोध करना नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है और इससे सरकार को अपनी गलतियों को सुधारने में मदद मिल सकती है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई रोकने की भी अपील की।

SP सांसद राम गोपाल यादव ने BJP पर लगाया आरोप

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने भी मोहन भागवत के Gen Z आउटरीच को लेकर BJP पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब BJP सरकार राजनीतिक दबाव में आती है तो RSS की मदद लेती है। यादव के अनुसार, Gen Z के मुद्दे पर सरकार को चुनौती मिलने के बाद मोहन भागवत को युवाओं से बातचीत के लिए आगे किया गया है।

Gen Z को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

मोहन भागवत की युवाओं के साथ बातचीत के बाद Gen Z और युवा मतदाताओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जहां RSS की इस पहल पर सवाल उठाए हैं, वहीं उमर अब्दुल्ला ने युवाओं के विरोध और सरकार के विरोध के बीच अंतर को महत्वपूर्ण बताया है।

इस पूरे विवाद से एक बात स्पष्ट है कि देश की युवा पीढ़ी और Gen Z से संवाद अब राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले समय में युवा मतदाताओं से जुड़ने के लिए राजनीतिक दल किस तरह की रणनीति अपनाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।