E20 पेट्रोल से माइलेज 30% घटता है? सरकार ने अफवाहों पर दिया जवाब, इंजन और वारंटी को लेकर भी किया बड़ा दावा

देशभर में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं कि इस ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज काफी कम हो जाता है, इंजन को नुकसान पहुंच सकता है और वाहन की वारंटी भी खत्म हो सकती है। इन सभी दावों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कई वायरल दावों को गलत बताया है।

भारत ने वर्ष 2025-26 में निर्धारित समय से पहले पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, प्रदूषण कम करना और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करना भी है।

क्या E20 पेट्रोल से 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है माइलेज?

सरकार ने साफ किया है कि E20 पेट्रोल के कारण वाहन का माइलेज 30 प्रतिशत तक कम होने का दावा सही नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, यह आंकड़ा केवल एथेनॉल की ऊष्मा क्षमता और पेट्रोल के बीच के अंतर को दर्शाता है, न कि वास्तविक सड़क पर मिलने वाले माइलेज को।

सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वास्तविक परिस्थितियों में माइलेज में केवल मामूली अंतर देखने को मिलता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई कार सामान्य रूप से 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है तो E20 पेट्रोल पर यह करीब 19.4 किलोमीटर प्रति लीटर तक हो सकता है।

क्या पुराने इंजनों को हो सकता है नुकसान?

E20 पेट्रोल को लेकर यह भी आशंका जताई जा रही थी कि इससे पुराने वाहनों के इंजन प्रभावित हो सकते हैं। इस पर सरकार का कहना है कि देशभर में E20 लागू होने के बाद अब तक इंजन खराब होने का कोई व्यापक मामला सामने नहीं आया है।

मंत्रालय के अनुसार, E20 को लागू करने से पहले ऑटोमोबाइल उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और तेल कंपनियों की ओर से व्यापक परीक्षण किए गए थे। इसके अलावा लाखों वाहनों के सर्विस रिकॉर्ड की समीक्षा में भी E20 से जुड़ी किसी बड़ी तकनीकी समस्या के प्रमाण नहीं मिले हैं।

क्या वाहन की परफॉर्मेंस पर पड़ता है असर?

सरकार का कहना है कि एथेनॉल एक उच्च ऑक्टेन ईंधन है, जिससे आधुनिक इंजनों में बेहतर दहन होता है। यदि वाहन को E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किया गया है तो उसकी परफॉर्मेंस, एक्सीलरेशन और इंजन की स्मूदनेस पर सकारात्मक प्रभाव भी देखा जा सकता है। साथ ही इससे उत्सर्जन में कमी आने की संभावना भी रहती है।

वारंटी और इंश्योरेंस को लेकर भी सरकार ने किया स्पष्ट

वाहन मालिकों के बीच यह भी चिंता थी कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर इंश्योरेंस क्लेम या कंपनी की वारंटी प्रभावित हो सकती है। इस पर सरकार ने कहा कि वाहन निर्माता कंपनियों और बीमा कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों वाला E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से वारंटी या बीमा पर कोई असर नहीं पड़ता।

सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल की कीमत क्यों नहीं घटी?

सरकार ने इस सवाल का भी जवाब दिया कि यदि एथेनॉल पेट्रोल से सस्ता है तो उपभोक्ताओं को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा। मंत्रालय के अनुसार, पहले एथेनॉल की खरीद लागत कम थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी कीमत बढ़ी है। इसके बावजूद E20 कार्यक्रम को इसलिए जारी रखा गया है क्योंकि इससे देश की ईंधन आयात पर निर्भरता कम होती है, पर्यावरण को लाभ मिलता है और कृषि क्षेत्र को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है।

पानी की खपत और अन्य वायरल दावों पर भी दिया जवाब

सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा था कि एक लीटर एथेनॉल बनाने में 10 हजार लीटर पानी खर्च होता है। सरकार ने इसे भ्रामक बताते हुए कहा कि आधुनिक एथेनॉल संयंत्रों में प्रति लीटर उत्पादन के लिए केवल कुछ लीटर प्रोसेस्ड पानी का उपयोग होता है और अधिकांश इकाइयां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली के साथ संचालित होती हैं।

इसके अलावा सरकार ने उन वायरल दावों को भी गलत बताया जिनमें कहा गया था कि E20 पेट्रोल में चीनी का रस सीधे मिलाया जाता है या फिर इसकी वजह से ईंधन टैंक में चींटियां और मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं। मंत्रालय के अनुसार, ईंधन में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल पूरी तरह औद्योगिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता है और उसमें किसी प्रकार की शर्करा नहीं रहती।

E20 को लेकर सरकार ने क्या कहा?

सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल को लेकर फैल रही अधिकांश आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। मंत्रालय के अनुसार, वैज्ञानिक परीक्षण, उद्योग के अनुभव और वाहन निर्माताओं के आंकड़े बताते हैं कि निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार E20 ईंधन आधुनिक वाहनों के लिए सुरक्षित है। हालांकि, वाहन मालिकों को हमेशा अपनी गाड़ी के निर्माता द्वारा जारी ईंधन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।