पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक ही दिन में तीन करीबी अधिकारियों को हटाया गया

केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से एक ही दिन में तीन वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग आदेशों के जरिए हटा दिया गया। मंत्रालय की ओर से जारी आदेशों में एक अधिकारी को प्रशासनिक आधार पर मूल विभाग भेजा गया है, दूसरे अधिकारी की समय से पहले प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई, जबकि तीसरे अधिकारी की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई।

एक ही दिन में हुई इस कार्रवाई को मंत्रालय के भीतर एक असामान्य प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। हालांकि, इन फैसलों के पीछे की वजह को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

निजी सचिव को प्रशासनिक आधार पर हटाया गया

मंत्रालय के आदेश के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग राजस्व विभाग वापस भेज दिया गया है। आदेश में इस कार्रवाई का कारण प्रशासनिक आधार बताया गया है।

अमर सिंह भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं और वर्ष 2021 से मंत्री के साथ कार्यरत थे। बाद में उन्हें निदेशक स्तर पर पदोन्नत भी किया गया था। उनका कार्यकाल अभी शेष था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही उन्हें वापस भेजने का आदेश जारी कर दिया गया।

अतिरिक्त निजी सचिव की प्रतिनियुक्ति समय से पहले समाप्त

इसी दिन जारी एक अन्य आदेश में अतिरिक्त निजी सचिव शैलेश कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति भी समय से पहले समाप्त कर दी गई। उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने मूल विभाग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रालय ने इस संबंध में केवल प्रशासनिक आदेश जारी किया है और विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।

एक अन्य अतिरिक्त निजी सचिव की नियुक्ति भी समाप्त

तीसरे आदेश में आयुष सारण की अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में नियुक्ति समाप्त करने की जानकारी दी गई। आदेश के मुताबिक, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देशों के आधार पर उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

इस आदेश की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहित संबंधित विभागों को भी भेजी गई हैं।

मंत्रालय की ओर से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

इन तीनों अधिकारियों को हटाए जाने के बाद मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई थी। ऐसे में इन प्रशासनिक बदलावों के पीछे की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना फैसला

एक ही दिन में मंत्री कार्यालय के तीन प्रमुख अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। सामान्य तौर पर इस तरह के बदलाव अलग-अलग समय पर किए जाते हैं, इसलिए एक साथ जारी हुए आदेशों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, मंत्रालय की ओर से इन आदेशों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है और किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर आगे आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आने की संभावना बनी हुई है।